Chhath Puja 2024 : महत्त्व, विधि, और पूजा के मुख्य चरण
छठ पूजा का महत्व और पूजा विधि। छठ पूजा के सभी मुख्य चरण और इस पावन पर्व के नियम और परंपराएँ जानें। Chhath Puja 2024
छठ पूजा भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो विशेष रूप से बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य देव और छठी मइया की पूजा का पर्व है, जो परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देता है। इस लेख में हम जानेंगे छठ पूजा के महत्व, पूजा विधि, और उसके मुख्य चरणों के बारे में।

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Chhath Puja 2024: छठ पूजा का महत्व
छठ पूजा का मुख्य उद्देश्य सूर्य देवता और छठी मइया की पूजा करके उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना है। इसे न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य को जीवन का स्रोत मानते हुए इस पूजा के दौरान व्रती उनके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।
छठ पूजा की कथा (पौराणिक कथा)
छठ पूजा की कथा राजा प्रियव्रत और उनकी पत्नी मालिनी से जुड़ी है। इस कथा के अनुसार, उनकी कोई संतान नहीं थी। ऋषियों के कहने पर मालिनी ने संतान प्राप्ति के लिए व्रत किया और भगवान सूर्य के आशीर्वाद से उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई।
छठ पूजा के मुख्य चरण
नहाय खाय (पहला दिन)– छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रती पवित्र जल से स्नान करते हैं और सादा भोजन ग्रहण करते हैं। इस भोजन में विशेष रूप से चने की दाल और कद्दू की सब्जी का सेवन किया जाता है।

खरना (दूसरा दिन)
छठ पूजा का दूसरा दिन – खरना– दूसरे दिन को खरना कहा जाता है। इस दिन व्रती पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को चावल और गुड़ की खीर का प्रसाद बनाते हैं। प्रसाद बनाते समय पूरी पवित्रता और सादगी का ध्यान रखा जाता है।
संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन)
संध्या अर्घ्य – सूर्य देव को पहला अर्घ्य– तीसरे दिन सूर्यास्त के समय व्रती अपने परिवार और श्रद्धालुओं के साथ नदी या तालाब के किनारे जाकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दौरान भक्तजन जल में खड़े होकर सूर्य को डूबते समय अर्घ्य देकर उनका धन्यवाद करते हैं।

उषा अर्घ्य (चौथा दिन)
उषा अर्घ्य – सूर्योदय के समय अर्घ्य– छठ पूजा का चौथा और अंतिम दिन उषा अर्घ्य का होता है। इस दिन व्रती सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपना व्रत समाप्त करते हैं। इस अर्घ्य के बाद व्रती प्रसाद वितरण करते हैं और पूजा का समापन होता है।
छठ पूजा की आवश्यक सामग्री
पूजा की सामग्री और उसके धार्मिक महत्व– छठ पूजा के दौरान विशेष सामग्री की आवश्यकता होती है, जैसे बाँस की टोकरी, नारियल, गन्ना, ठेकुआ, चावल, फल, और दीपक। प्रत्येक सामग्री का अपना विशेष महत्व होता है, और इन्हें सूर्य देव और छठी मइया को अर्पित किया जाता है।

छठ पूजा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
छठ पूजा के दौरान विशेष नियमों का पालन किया जाता है, जैसे कि शुद्धता, सात्विक भोजन, और पूर्ण भक्ति भाव। इस पूजा में शामिल प्रत्येक गतिविधि को पूरी पवित्रता और श्रद्धा के साथ किया जाता है। व्रती को अपने खान-पान और व्यवहार में संयम रखना होता है।
क्या आप छठ पूजा की तैयारी कर रहे हैं?
यदि आप भी छठ पूजा की तैयारी में जुटे हैं, तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें और छठ पूजा के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक जानकारियों का लाभ उठाएँ। अपने विचार और छठ पूजा से जुड़े अनुभव नीचे कमेंट सेक्शन में साझा करें!
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conclusion : छठ पूजा क्यों मनाएँ?
छठ पूजा का त्योहार न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह सूर्य देव और छठी मइया की कृपा पाने का अवसर भी है। इस पूजा के दौरान व्रती अपने संकल्प और भक्ति के साथ अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। यह पर्व आत्मिक शांति और समर्पण का प्रतीक है।